एक अस्तित्वहीन घर की चाबियाँ

जिस समय 1947 में पंजाब विश्वविद्यालय, लाहौर द्वारा आयोजित मैट्रिक इम्तेहान के परिणाम घोषित किए गए, भारत और पाकिस्तान का विभाजन हो चुका था। जम्मू-कश्मीर…

काठजामुन

नम्रता श्रीवास्तव परिहा के घर की ओर जाने वाले ‘उसके’ पाँव अपना कार्य सुचारू ढंग से कर रहे थे, किन्तु कान से लेकर मस्तिष्क तक…

अनुकृति उपाध्याय

ये एक बीहड़ दौर है।  बाहर-भीतर के भय हमें संत्रस्त कर रहे हैं, अनिश्चितता का घुन वर्तमान और भविष्यत की लकड़ी में घर कर गया…

मि. वॉलरस

मनीषा कुलश्रेष्ठ विंडचाइम हवा में डोला और मेरी नींद खुल गई। मैं एक उदास सपने के आग़ोश में वैसे ही सोया था, जैसे तूफ़ान भरी…